Sunday, October 30, 2016

मौसम बदला करता था कभी

मौसम बदला करता था कभी
आज ! बदल जाते हैं लोग
ऊपर से मित्रता दिखाकर
दुश्मनी दिखा जाते हैं लोग

कहाँ ढुँढू मैं कर्ण सा मित्र
जो अपना मुझे बनाये
मेरी सौ गलतियों पर भी
वो मेरे लिए लड़ जाये

मौसम बदला करता था कभी
आज ! बदल जाते हैं लोग

प्यार विश्वास और इंसानियत 
ये हुई  बातें  पुरानी
पैसों की खातिर तो अब
देते हर रिश्ते की क़ुरबानी 

मौसम बदला करता था कभी
आज ! बदल जाते हैं लोग

कहाँ ढुँढू  सीता सी पत्नी 
जो हर दम साथ निभाए 
गरीबी, अमीरी या हो वनवास 
मेरे हर कदम से कदम मिलाये  

मौसम बदला करता था कभी
आज ! बदल जाते हैं लोग

कहाँ मिलेगा श्रवण सा पुत्र 
जो माँ - बाप का हर वचन निभाए 
अगर अंधे हो जाये माँ - बाप कभी 
तो वो उनकी आँखें बन जाये  

मौसम बदला करता था कभी
आज ! बदल जाते हैं लोग 

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