Sunday, July 5, 2015

थकना मत पथिक !

आशा और निराशा
ही जीवन का आधार,
पर तु थकना मत,
हारना मत , पथिक !
यही है जीवन का सार

हमेशा जीत नहीं है मिलती
काँटें पथ पर होते ही हैं
नहीं कोई सरल राह यहाँ
ठोकर तो लगती ही है

पर तु थकना मत पथिक !

हिमालय सा कर ले तु
अपने दबे इरादों को
मत डर इन हवाओं से
लड़ ले हर हालातों से तु

पर तु थकना मत पथिक !

मिलेगी जीत तुझे गर
तु हिम्मत को नहीं छोड़ेगा
हर चुनौती को तु बढ़ कर
घुटनों पर लाकर तोड़ेगा

पर तु थकना मत पथिक !

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