Monday, June 29, 2015

एक ख्वाब

एक सुंदर सा ख्वाब हो तुम,
तभी तो पाना मुश्किल तुमको।

काश ! तुम रब होते,
पूजा करके पा जाती तुमको।
एक सुन्दर सा मन्दिर बनाकर,
देवता वहाँ बनाती तुमको ,पर

तुम तो एक ख्वाब हो ।

फिर सोचा ,एक मोती होते तुम,
सुंदर गहना बनाती मैं,
हर पल अपने साथ ही रखती ,
और सुंदर बन जाती मैं ,

पर तुम तो एक ख्वाब हो।

बस मेरी आत्मा का अहसास हो ,
एक मीठी सी आस हो ,
जो भी हो ,कोई छीन नहीं सकता तुमको मुझसे ,
क्योंकि तुम ही मेरा संसार हो ।

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